SIP और SWP साथ में क्यों प्लान करें
ज़्यादातर कैलकुलेटर आधा सवाल हल करते हैं। SIP कैलकुलेटर बताता है कि कितना जमा होगा; SWP कैलकुलेटर बताता है कि वह कितना चलेगा। यह दोनों को जोड़ता है, ताकि दिखे कि आज की SIP सच में आगे चाहिए आमदनी दे पाएगी या नहीं।
एक उदाहरण
हर महीने ₹10,000, 20 साल तक, 12% पर लगभग ₹99.91 लाख बनते हैं। इसे 8% कमाने वाले फंडों में ले जाएँ, तो यह पैसा खत्म होने से पहले लगभग 25 साल तक हर महीने ₹77,116 दे सकता है।
इसे कैसे इस्तेमाल करें
- निवेश वाला हिस्सा भरें: SIP, रिटर्न, साल, और कोई शुरुआती रकम या स्टेप-अप।
- अगर बीच में कुछ समय है, जैसे काम छोड़ने और आमदनी की ज़रूरत के बीच, तो “निकालने से पहले रुकें” पर टिक करें।
- निकासी वाला हिस्सा भरें: मासिक निकासी, कितने साल, और तब का अनुमानित रिटर्न।
- सबसे बड़ी सुरक्षित निकासी देखें, फिर SIP तब तक बदलें जब तक प्लान टिक न जाए।
हिसाब कैसे होता है
निवेश के महीनों में SIP महीने की शुरुआत में जुड़ती है, फिर बढ़त होती है। रुकने के महीनों में सिर्फ़ बढ़त होती है। निकासी के महीनों में बढ़त होती है, फिर निकासी दी जाती है। सुरक्षित निकासी वह रकम है जो निकासी के सालों के आखिर में बैलेंस को ठीक शून्य पर ले आए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
SIP + SWP प्लान क्या है?
कमाई के दौरान आप SIP से हर महीने निवेश करते हैं, फिर आमदनी की ज़रूरत होने पर, अक्सर रिटायरमेंट में, उसी पैसे से SWP के ज़रिए हर महीने निकालते हैं।
निकासी वाले दौर में रिटर्न कम क्यों रखें?
आमदनी पर निर्भर होने के बाद लोग आम तौर पर स्थिर फंडों में चले जाते हैं, जिनका रिटर्न कम पर ज़्यादा स्थिर होता है।
हर महीने की आमदनी के लिए कितनी SIP चाहिए?
जितनी निकासी चाहिए वह डालें, फिर SIP तब तक बढ़ाएँ जब तक जानकारी में “प्लान टिकता है” न दिखे। यहाँ दिखी जमा रकम के साथ लक्ष्य SIP कैलकुलेटर भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
क्या निवेश और निकासी के बीच ठहराव जोड़ सकते हैं?
हाँ। “निकालने से पहले रुकें” पर टिक करें। इस दौरान पैसा बढ़ता रहता है, न कुछ जुड़ता है न निकलता है।